







रुद्रपुर। किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष और सभासद के पदों के चुनाव रोकने को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने सामने है। कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि सरकार ने किच्छा नगर पालिका से सिरौली कलां को अलग करने का काम किया है, जिसके विरोध में लोग हाईकोर्ट गए। उधर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का कहना है कि किच्छा में चुनाव रोकने का मुख्य कारण कांग्रेसियों द्वारा सिरौलीकला को किच्छा से अलग करने हेतु कोर्ट में डाली गई रिट है जिसमें कोर्ट ने सरकार से जनवरी में जवाब मांगा है, इसी कारण पूरे प्रदेश में केवल किच्छा में चुनाव रोका गया है जिसकी जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने उक्त आरोप लगाते हुए कहा कि सिरौली को किच्छा में मिलाने एवं उसको अलग करके नगर पंचायत का विरोध भी कांग्रेसियों ने हाई कोर्ट में किया तथा सिरौलीकला को किच्छा से अलग करके जब पुनः ग्रामसभा या नगर पालिका बनाने पर सरकार विचार कर रही थी इसी बीच कांग्रेसियों ने हाईकोर्ट से सरकार के फैसले पर स्टे कराकर पूरे किच्छा व सिरौली कला को चुनाव से वंचित करके उसका विकास रोकने का काम किया है।
शुक्ला ने कहा कि सरकार हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखकर सिरौली कला को किच्छा से अलग करायेगी तथा जल्दी ही दोनों जगह किच्छा व सिरौली कला में चुनाव होंगे। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को विकास विरोधी बताया, उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासन में हमेशा किच्छा के साथ सौतेला व्यवहार किया और आज जब किच्छा आगे बढ़ रहा है तो कांग्रेस हाईकोर्ट का सहारा लेकर मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।


उधर विधायक तिलकराज बेहड़ का कहना है कि सिरौली कलां को किच्छा नगर पालिका में सरकार ने शामिल किया, जिसके बाद चुनाव हुए। नगर पालिका ने सिरौली में विकास कार्य कराए। फिर सरकार ने सिरौली को किच्छा नगर पालिका से अलग कर दिया, जो कि नियम विरुद्ध है। किसी भी गांव या नगर पंचायत को नगर पालिका या नगर निगम में शामिल किया जा सकता है, लेकिन अलग नहीं किया जा सकता। मामला हाईकोर्ट में गया तो सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया, लेकिन अब फिर सिरौली को किच्छा से अलग कर दिया। इसके खिलाफ वह फिर हाईकोर्ट जा रहे हैं। वह किच्छा नगर पालिका के चुनाव जल्द कराने की मांग करेंगे और सिरौली का डिमोशन नहीं होने देंगे।


