47 साल पहले हुई थी लोकतंत्र कुचलने की कोशिश: मोदी

म्यूनिख. जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को जर्मनी पहुंचे। म्यूनिख में प्रवासी भारतीयों ने उनका स्वागत किया। मोदी ने म्यूनिख में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा, मैं आप सभी में भारत की संस्कृति, एकता व बंधुत्व के भाव का दर्शन कर रहा हूं। आज 26 जून का दिन लोकतंत्र के लिहाज से बेहद महत्त्वपूर्ण है। आज से 47 साल पहले इसी दिन लोकतंत्र को बंधक बनाने और कुचलने का प्रयास किया गया था।

आपातकाल भारत के वाइब्रेंट डेमोक्रेटिक इतिहास में काले धब्बे की तरह है, लेकिन हमारी लोकतांत्रिक परंपराएं इन हरकतों पर भारी पड़ी। हम भारतीय कहीं भी रहें, अपने लोकतंत्र पर गर्व करते हैं। मोदी ने बदलते भारत का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश के हर गरीब को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। भारत में औसतन हर 10 दिन में एक यूनिकॉर्न बन रहा है। हर महीने औसतन 5 हजार पेटेंट फाइल होते हैं। आज 21वीं सदी का भारत चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने वालों में से एक है। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और डिजिटल टेक्नोलॉजी में भारत का परचम लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में पुराने रेकॉर्ड टूट रहे हैं और नए लक्ष्य हासिल किए जा रहे हैं। दुनिया हमें उम्मीद और विश्वास से देख रही है। हमारी पॉलिसी साफ है। पांच साल बाद हमें कहां पहुंचना है, यह भी तय है। 25 साल का आत्मनिर्भरता का रोडमैप भी तैयार है।

हिन्द प्रशांत क्षेत्र पर होगी चर्चा : म्यूनिख पहुंचने पर मोदी ने ट्वीट किया, मैं जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व नेताओं के साथ उपयोगी चर्चा की आशा करता हूं। शिखर सम्मेलन में यूक्रेन-रूस युद्ध, हिन्द प्रशांत क्षेत्र, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु व वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी सम्मेलन में शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।

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