







रुद्रपुर । अपने यहाँ खाना बनाने वाली महिला की निर्मम हत्या करने के आरोपी को तृतीय अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देउपा ने आजीवन कारावास और साठ हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुना दी।


सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने बताया कि ट्रांजिट कैम्प रुद्रपुर निवासी रमेश बाला ने 23 सितंबर 2019 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी प्रिया बाला पड़ोस में रहने वाले दुकानदार ध्रुव दास पुत्र श्याम दास मूल निवासी चार पाड़ा पश्चिम बंगाल के कमरे पर जाकर खाना बनाती थी। इसी बीच दोनों में लगाव हो गया। पर उसे इसकी जानकारी नही हुई ।अचानक ध्रुव की दुकान बन्द हो गई तो पत्नी ने काम छोड़ दिया जिसके बाद ध्रुव उनके घर आकर खाना खाने लगा। यह सिलसिला क़रीब तीन चार महीने तक चला। जिस पर उसे दोनों के बीच लगाव होने का शक हुआ तो उसने खाना खिलाना बन्द कर दिया ।12 सितंबर 2019 को ध्रुव के यहां चली गयी और वापिस नहीं लौटी। वह बुलाने गया तो भी नहीं आई । 23 सितंबर को पड़ोसी सूरज हालदार ने आकर बताया कि उसकी पत्नी मरी पड़ी है, तो हम लोगों ने जाकर देखा कि पत्नी ध्रुव के कमरे में बैड पर मृत पड़ी है। ध्रुव गायब हो गया है। पुलिस ने धारा 302, 201 आईपीसी में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। विवेचक द्वारा उसे 05 अक्टूबर 2019 को पश्चिम बंगाल के थाना मेदोपोल क्षेत्रानतरगत होटल पैंथर सती के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध तृतीय अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देउपा की कोर्ट में मुक़दमा चला, जिसमें सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने 11 गवाह पेश कर आरोप सिद्ध कर दिया। जिसके बाद शनिवार को न्यायाधीश ने ध्रुव दास को धारा 302 में आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये तथा धारा 201 में चार वर्ष के कठोर कारावास और दस हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाते हुए कहा कि जुर्माने की धनराशि में चालीस हज़ार रुपये मृतका प्रिया बाला के परिजनों को बतौर प्रतिकर दिया जाएगा ।


