







रुद्रपुर। पॉस्को न्यायाधीश अश्वनी गौड़ की अदालत ने अपनी बेटी के साथ अश्लील हरकतें करने के आरोपी कलयुगी पिता को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 20 हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई।


विशेष लोक अभियोजक विकास गुप्ता ने बताया कि मजरा प्रभु वार्ड नंबर 3 आलापुर नई बस्ती बाजपुर थाना क्षेत्र की एक महिला ने 25 जुलाई 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कुछ समय पहले अपने बच्चों के साथ करन सागर के यहाँ कमरा किराए पर लेने आई थी तो उसने उसको कमरा देने के साथ ही उसके साथ विवाह कर लिया। कहा कि 24 जुलाई 2021 की रात पति करन सागर शराब पीकर घर आया और पलंग पर दूसरी ओर लेट गया। कुछ देर में कुछ आवाज़ें सुनाई दीं तो उसने उठकर देखा कि पति उसकी 11 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड कर अश्लील हरकतें कर रहा था। उसने विरोध किया तो उसका गला दबाते हुए गालियां देते हुए कहा कि तूने बहुत परेशान कर रखा है आज तेरा और तेरी बेटी का क़िस्सा ही ख़त्म कर देता हूं। बड़ी मुश्किल से उसने अपना गला छुड़ाया। पुलिस ने करन को गिरफ़्तार कर लिया। उसके विरुद्ध पॉस्को न्यायाधीश अश्वनी गौड़ की कोर्ट में मुक़दमा चला, जिसमें एडीजीसी विकास गुप्ता ने पांच गवाह पेश कर आरोप सिद्ध कर दिया। पॉस्को न्यायाधीश अश्वनी गौड़ ने करन सागर को धारा 9/10 पॉस्को एक्ट में 5 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हज़ार रुपये जुर्माने, धारा 354 में तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हज़ार रुपये जुर्माने एवं 323, 504, 506 भा०द०सं० में एक एक वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई। साथ ही कहा कि जुर्माने की धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़िता को दी जाएगी। पॉस्को न्यायाधीश ने सरकार को आदेश दिए कि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दो लाख रुपये प्रदान करें ।


