बेहड़ को अपने ही समाज का अध्यक्ष चाहिए था तो मुझसे कह देते: सीपी शर्मा

रुद्रपुर। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा ने कहा कि यदि तिलकराज बेहड़ को अपने ही समाज का अध्यक्ष बनवाना था, जो उनकी मुट्ठी में रहकर काम कर सके तो वह उनसे कह देते। दशकों बाद एक दबे कुचले समाज के अध्यक्ष को वह पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो पार्षद प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और पार्टी हाईकमान के आह्वान पर होने वाले कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे, उन्हें ही पुन: टिकट मिलेगा। कार्यक्रमों का बहिष्कार करने वाले किसी नेता के बहकावे में आएंगे तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस करके सीपी शर्मा ने कहा कि उन्होंने प्रदेश सचिव के पद से पार्टी में कार्य शुरू किया था। 15 वर्ष से जो जिम्मेदारी दी गई, उसे निष्ठा से निभाया। कामगार कांगेस अध्यक्ष के पद पर कार्य किया। अब हाईकमान ने नई जिम्मेदारी दी है। पिछले महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा के नेतृत्व में कांग्रेस आठ चुनाव हारी। कहा कि मेयर प्रत्याशी नंदलाल के रुपयों का बंदरबांट किसी से छिपा नहीं है। मीना शर्मा के चुनाव में किसी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी नहीं दी गई। मैंने मीना व बेहड़ को हर तरीके से चुनाव लड़ाया।

कहा कि सभी नेताओं को महानगर में कांग्रेस को मजबूत करना चाहिए। बताया कि वह बेहड़ के समर्थक रहे हैं। उन्हें मार्ग दर्शन की जरूरत है, लेकिन बेहड़ का दूसरा रूप देखने को मिल रहा है। मैं दबे कुचले समाज से आता हूं यही मेरा दोष है। कहा की एक व्यापार मंडल का नेता जो कभी शिव अरोरा की गोद में बैठता है और कभी राजकुमार ठुकराल के संपर्क में रहता है वह उन पर टीका टिप्पणी कर रहा हैं।

कहा कि बेहतर होता कि पूर्व मंत्री बैठक में उनका व जिलाध्यक्ष का स्वागत कराते। वह सभी नेताओं का आशीर्वाद व मार्गदर्शन लेने उनके घर गए थे, लेकिन उनका विरोध किया जा रहा है। महानगर अध्यक्ष का पद कोई कमाई का पद नहीं, बल्कि सेवा का पद है। उन्हें गर्व है कि वह उस पार्टी के अध्यक्ष हैं जिसने आजादी की लड़ाई लड़ी और कुर्बानी पार्टी का इतिहास रहा है।

कहा कि बेहड़ ने रुद्रपुर छोडा। किच्छा ने उन्हें प्यार दिया। उन्हें अपनी विधान सभा किच्छा में कार्य करना चाहिए। गोपाल राणा और आदेश चौहान की तरह। किच्छा के हालात यह हैं कि उनके पुत्र फोन नहीं उठाते। कहा कि बेहड़ किच्छा से इस्तीफा देकर रुद्रपुर में आए वे महानगर अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने नसीहत दी कि पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेस को मजबूत करें। कहा कि वे अकेले मेयर व भाजपा का विरोध कर रहे हैं।

कहा कि बेहड़ का बहुत सम्मान करते हैं और पार्टी के सभी लोगों को साथ लेकर चलेंगे। गावा राइस मिल तराई की राजनीति का केन्द्र रहा है। गावा परिवार ने कांग्रेस के लिए सब कुछ समर्पित कर दिया है। हिमांशु गावा को कांग्रेस जिलाध्यक्ष का पद मिला है। कहा कि कुछ लोग प्रदेश नेतृत्व के फैसले का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता गुमराह न हो और पार्टी को मजबूत करें।

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