मेयर को पता था कि उजड़ेंगे व्यापारी, फिर समर्थन देने की नौटंकी क्यों की: सीपी शर्मा

रुद्रपुर। आखिर यह किस तरह की सियासत थी? नगर निगम ने 12 मार्च को ही गांधी पार्क की चाहरदीवारी बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया था और 15 मार्च को टेंडर भी हो चुका था। इस बीच 13 मार्च को मेयर रामपाल सिंह ने व्यापारियों के बीच जाकर धरना भी दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि नगर निगम टेंडर कर रहा है।

यह सवाल किया है कांग्रेस के कार्यकारी नगर अध्यक्ष सीपी शर्मा ने। उन्होंने कहा कि मेयर रामपाल सिंह को यह पता था कि व्यापारियों की दुकानें टूटने वाली हैं तभी तो चाहरदीवारी बनाने का टेंडर किया गया। मेयर ने व्यापारियों के साथ बड़ा धोखा किया है। मुंह में राम बगल में छुरी वाली कहावत मेयर रामपाल ने चरितार्थ की है। उन्होंने कहा कि रम्पुरा के वे गरीब जो समोसा बेचकर परिवार चला रहे थे, उनके घरों में चूल्हा तक नहीं जल रहा है। मेयर रामपाल को व्यापारियों को यह जवाब देना पड़ेगा कि उन्होंने दोहरी राजनीति क्यों की? आज इन व्यापारियों के उजड़ने का गम आम जनता तक को है। भाजपा को आने वाले चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पडेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष सीपी शर्मा ने कहा कि इन व्यापारियों का पुर्नवासन कराना सरकार की जिम्मेदारी है। जल्द से जल्द इन उजाड़े गए व्यापारियों को जगह दी जाए, ताकि उनकी रोजी रोटी शुरू हो सके।

उन्होंने कहा कि सड़क के दूसरी ओर जो ठेले वाले फल वाले, कपड़े की दुकान, सब्जी मंडी के गेट पर और अन्य छोटे मोटे कार्य कर अपने परिवार की जीविका चलाने वालों और साथ में रोडवेज के गेट की दुकान वाले जो रम्पुरा के निवासी हैं उनको स्ट्रीट वेंडर जोन देकर स्थापित किया जाए। कहा की जिन्होंने भाजपा को सत्ता की मलाई चटाने में सबसे अधिक योगदान दिया है उनके पेट में छुरा घोंपने का काम मेयर ने किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *