नगर निगम घोटाला: कांग्रेस के ज्ञापन पर जांच होगी, सीपी शर्मा ने एमएनए की अपील पर स्थगित किया आंदोलन

रुद्रपुर। नगर निगम में हुए 43 टेंडरों में पूल के आरोप सहित विभिन्न बिन्दुओं पर जांच की मांग को लेकर कांग्रेस के कार्यकारी नगर अध्यक्ष सीपी शर्मा व कांग्रेसी पार्षदों द्वारा प्रस्तावित धरने के मद्देनजर एमएनए ने कांग्रेसियों को बुलाकर जांच का भरोसा दिलाया और टेंडर में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही जी 20 की बैठक के मद्देनजर धरना स्थगित करने की अपील की। सीपी शर्मा ने एमएनए के आश्वासन पर धरना स्थगित कर दिया है।
कांग्रेस के कार्यवाहक महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने नगर निगम के खिलाफ कलेक्टेट में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया था और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इस दौरान सीपी शर्मा ने कहा कि नगर निगम बोर्ड द्वारा पारित प्रस्तावों को पूल के जरिये टेन्डर वितरण कर अपने चहेते ठेकेदारों को कार्य दिया जा रहा है। आरोप लगाया कि जिन कालोनियों में कालोनाइजरों द्वारा सड़कें नालियों आदि का निर्माण कराया जाना था उनमें मेयर ने अपना निजी हित लाभ लेने के उद्देश्य से सड़क व नालियां बनवा दीं। मेयर अपने चहेते ठेकेदारों का भुगतान करा रहे हैं जबकि अन्य ठेकेदारों के लिए बजट न होने का बहाना कर उन्हे भुगतान नहीं कर रहे हैं। कांग्रेसियों ने कहा कि नगर निगम द्वारा 45 टेण्डरों को पूल के जरिये अपने चहेते ठेकेदारों को कार्य दिये गये हैं जो कि टेण्डर नियमों एवं शर्तों के विपरीत है। मेयर अपने चहेते ठकेदारों को काम देकर आवंटित धन का दुरूपयोग कर रहे हैं। नगर निगम क्षेत्रन्तर्गत कई कालानिया में जो विकास कार्य किये जा रहे हैं उन कालोनियों में समितियाँ बनाकर विकास शुल्क कालोनीवालों से वसूला जाता है और विकास कार्य किन मदों में खर्च होता है उसका कुछ पता नहीं। जबकि सड़कें, नालियां बिजली की समुचित व्यवस्था करने की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। इस तरह से सम्पूर्ण नगर निगम क्षेत्र में करोड़ों रुपयों का गोल माल हो रहा है। मलिन बस्तियाँ मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। कांग्रेसियों ने कहा कि मेयर बिना कोरम पूरा किये ही बोर्ड की मीटिंग में प्रस्तावों को पारित करा रहे हैं। कांग्रेस समर्थित पार्षदों को बोर्ड की मीटिंग में बोलने का मौका भी नहीं दिया जाता। बोर्ड में पूर्व में पारित 45 टेण्डरों पर कार्य न करवाकर अपनी मनमर्जी से कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होंने 20 मार्च से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी थी।

उनके इस ज्ञापन पर एमएनए ने वार्ता के लिए बुलाया और सभी बिन्दुओं पर जांच कराने की बात कही। उनकी अपील पर सीपी शर्मा ने आंदोलन स्थगित कर दिया।

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