







देहरादून। प्रदेश की चीनी मिलों को चालू हुए एक महीना हो गया है। प्रदेश में डोईवाला शुगर मिल चीनी उत्पादन और मेंटेनेंस सहित सभी मामलों में नंबर वन पर चल रही है। इसका श्रेय चीनी मिल के अधिशासी निदेशक दिनेश प्रताप सिंह को जाना स्वाभाविक है, क्योंकि उनकी मेहनत रंग लाती दिख रही है।


प्रदेश की चीनी मिलों में जहां तकनीकी कारणों से मिल बंदी की बात करें तो बाजपुर चीनी मिल 86.45 घंटे, किच्छा चीनी मिल 138.30 घंटे, सितारगंज चीनी मिल 124.45 घंटे, नादेही चीनी मिल 208.29 घंटे बंद हो चुकी है, जबकि बेहतर रखरखाव और कुशल प्रबंधन के चलते डोईवाला शुगर मिल सिर्फ चार घंटे ही मिल बंद रही। यहां बता दें कि इस अवधि में पिछले साल डोईवाला 40.45 घंटे मिल बंद रही है। मिल का लगातार संचालन बेहतरीन उपलब्धि है।
अब बात करते हैं पेराई क्षमता की। वर्ष 2021-2022 में जहां डोईवाला शुगर मिल अपनी क्षमता के 90.28 प्रतिशत पर कार्य कर रही थी, वहीं इस वर्ष अभी तक 95.86 प्रतिशत पर कार्य कर रही है, जो 05.58 प्रतिशत की बढ़त बना कर प्रदेश में अव्वल स्थान पर है। यहां बता दें कि सितारगंज चीनी मिल 75.43 प्रतिशत, किच्छा चीनी मिल 76.36 प्रतिशत, बाजपुर चीनी मिल 78.67 प्रतिशत और नादेही मिल 88.13 प्रतिशत पर कार्य कर रही है।
अब एक नजर चीनी की रिकवरी के आंकड़ों पर डालते हैं। डोईवाला में पिछले साल रिकवरी 8.64 प्रतिशत रही थी, जो इस वर्ष 9.01 प्रतिशत हो गई है। यानि पिछले साल 73380 शुगर बैग के मुकाबले इस बार 76900 शुगर बैग तैयार हुए हैं। यानि 3529 शुगर बैग का इजाफा हुआ है। एक बड़ी बात यह है कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 9100 क्विंटल कम गन्ने की पेराई करके 3520 क्विंटल ज्यादा चीनी का उत्पादन हुआ है।
यहां बता दें कि डोईवाला शुगर मिल के पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही मिल के अधिशासी निदेशक दिनेश प्रताप सिंह ने किसानों के लिए विश्राम गृह, कैंटीन, पक्का केन यार्ड, स्वच्छ पेयजल व शौचालय आदि की व्यवस्था कराई थी, नतीजा यह हुआ कि गन्ना किसान कुछ ही घंटों में अपने ट्रैक्टर ट्राली से गन्ने का उतार कराकर अपने घर लौट पा रहे हैं। बेहतर इंतजाम से गन्ना क्रय केंद्रों से गन्ना परिवहन करने वाले ठेकेदार भी खुश हैं और शुगर मिल को ताजा गन्ना उपलब्ध हो रहा है। अब गन्ने के वाहनों से लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिल चुकी है। यहां बता दें कि पिछले वर्ष गन्ना उतारने में 24 घंटे तक का समय लग जाता था, जिससे यातायात प्रभावित होता था।
अभी तक के आंकड़े देखने से लगता है कि डोईवाला शुगर मिल इस वर्ष नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। ईडी श्री सिंह की मेहनत, लगन और उनके कुशल प्रबंधन की लोग खुल कर तारीफ कर रहे हैं। निश्चित ही घाटे में चल रही शुगर मिल अब लाभ की ओर अग्रसर है।


