







रुद्रपुर। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा का कांग्रेस का बड़ा खेमा विरोध पर उतारू हो गया। बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ के आवास पर एकत्रित हुए और विरोध के स्वर बुलंद किए। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बेहड़ ने कार्यकर्ताओं से हताश न होने को कहा और शीघ्र ही समानांतर तरीके से कांग्रेस चलाने के संकेत दिए। कहा कि जो पार्षद हैं उन्हें टिकट दिलाने से लेकर चुनाव लड़ाने तक में वे संघर्ष करेंगे।



नवमनोनीत कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा की ताजपोशी के विरोध में पूर्व महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा और पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा के आह्वान पर कांग्रेसी आवास विकास रुद्रपुर स्थित पूर्व मंत्री व विधायक तिलकराज बेहड़ के आवास पर एकत्रित हुए। कांग्रेसियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि पार्टी हाईकमान ने महानगर अध्यक्ष पद पर ताजपोशी करने से पहले पूर्व मंत्री बेहड़ और विधायक का चुनाव लड़ चुकी मीना शर्मा व अन्य वरिष्ठ कांग्रेसियों से राय मशविरा नहीं किया गया।
बेहड़ ने अपने आवास की छत से संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने जब कांग्रेस ज्वाइन की थी तो अपने समर्थकों से राय मशविरा किया था और भारी समर्थकों के साथ शामिल हुए थे। भाजपा के गढ़ में वे कांग्रेस के टिकट पर जीते। हालांकि उस वक्त पुराने कांग्रेसी हंसराज गावा ने उनका विरोध किया था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के कहने पर वह स्वास्थ्य मंत्री होते हुए गावा के आवास पर गए थे। कहा कि उन्होंने तराई में कांग्रेस को सींचने का काम किया है। चार बार कांग्रेस के ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन, नगर पालिका अध्यक्ष कांग्रेस के बनाए।
पिछले एक वर्ष से उनका स्वास्थ्य खराब है। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जब वह दिल्ली गए थे तो उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा से बात करके संगठन में फेरबदल के बारे में चर्चा की थी। अभी हाल में करन माहरा रुद्रपुर आए थे, लेकिन उनसे मिलने नहीं आए। यह आयोजकों की जिम्मेदारी थी कि वे करन माहरा को बताते कि बेहड़ रुद्रपुर में हैं।
बेहड़ ने कहा कि आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वह दो महीने में स्वस्थ होकर एक बड़ी रैली करेंगे। कांग्रेस के आह्वान पर होने वाले कार्यक्रम किए जाएंगे। जिन पार्षदों को टिकट मिलना है उन्हें टिकट दिलाने से लेकर चुनाव लड़ाने तक संघर्ष किया जाएगा।
उन्होंने नजूल नीति का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, वर्तमान विधायक शिव अरोरा और सुरेश कोली तक ने अपने सम्मान समारोह कराए, लेकिन किसी को नजूल नीति का लाभ नहीं मिला। यदि हरीश रावत की सरकार में बनी नजूल नीति लागू हो जाती तो लोगों को मालिकाना हक मिल गया होता। उन्होंने पिछले सालों में बाजार टूटने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकारें समाधान निकालती हैं। लोहिया मार्केट का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह साइकिल से पढ़ने आते थे तब से यहां खोखे थे। एक बार तो उन्होंने लोक निर्माण विभाग से यहां पक्की दुकानें बनाने की योजना भी तैयार करा ली थी, लेकिन योजना पर रोक लग गई थी। कहा कि इन व्यापारियों को अब स्वामित्व वाला पुनर्वास चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनकी टीम आज भी साथ है। मुश्किल से 15 लोग छोड़कर गए हैं। वे फिर से पुराने लोगों को जोड़ेंगे और कांग्रेस को अपने दम पर चलाएंगे।
कार्यक्रम में मीना शर्मा, अनिल शर्मा, जगदीश तनेजा, दिलीप अधिकारी, परिमल राय, मोनू निषाद, शिशुपाल यादव आदि बड़ी तादाद में कांग्रेसी मौजूद थे।


