







देहरादून। एनएच 74 के कथित घोटाले में ईडी ने पीसीएस अफसर डीपी सिंह यह सातवां आरोपपत्र दाखिल किया है, जबकि धन शोधन के पांच मामलों में ईडी पीसीएस अफसर डीपी सिंह पर कोई आरोप सिद्ध नहीं कर पाई। एनएच मामले में डीपी सिंह पूर्व में हुई शासन की जांच में निर्दोष साबित हो चुके हैं।


कहते हैं कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। गौरतलब है कि ईडी ने धनशोधन के आरोप लगाए थे, जिसे पीसीएस अफसर डीपी सिंह ने चुनौती दी और पांच आरोप पत्रों धनशोधन अधिनियम की धारा 45 का टेस्ट हुआ जिसे श्री सिंह ने पास किया और मनीट्रेल साबित नहीं हुआ। इसी आधार पर डीपी सिंह को जमानत मिल गई।
ईडी के पांच आरोपपत्र में पीसीएस अफसर बरी हो गए। अब ईडी ने दो और आरोपपत्र दाखिल किए हैं। ईडी 2022 से अब तक कुल सात आरोपपत्र स्पेशल कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। एक सितंबर को दाखिल आरोपपत्र में डीपी सिंह को पुन: शामिल कर लिया गया। इस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। हालांकि ईडी पूर्व में अपने आरोपों को कोर्ट में साबित नहीं कर पाई।
डीपी सिंह पर लगाए गए घोटाले के आरोपों की शासन स्तर की जांच में बेबुनियाद साबित हो हुए थे, लेकिन अभी सत्य की एक और परीक्षा होना बाकी है।


