







जसपुर। श्री साँई ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन महुआडाबरा के सहयोग से ग्राम अलहपुर, उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर पर शिव भक्तों के लिए प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भंडारे का आयोजन किया गया है। कांवरिया यहां जलपान, भोजन और विश्राम कर गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। निरंतर 24 घंटे चलने वाले इस भंडारे में तमाम शिवभक्त अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। श्री साइंस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर राजकुमार सिंह ने बताया कि कि शिव भक्तों की सेवा वह पिछले 19 वर्ष से करते आ रहे हैं। सन् 2005 में वह अपने पेट्रोल पंप पर थे कि शाम के वक्त कांवरिये वहां पहुंचे और कहने लगे कि भोजन मिल जाएगा। मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं घर गया और अपनी पत्नी से उनके लिए भोजन तैयार कराया और पेट्रोल पंप परिसर में उनको भोजन कराया। इसके बाद गंतव्य को जाते कांवरिया ऐसा आशीर्वाद दे गये कि मेरे मन में उनके लिए सेवा की भावना प्रगाढ़ हो गई। उस दिन से लगन लगी और महाशिवरात्रि पर भण्डारे का आयोजन शुरू कर दिया गया, जोकि अब भी अनवरत जारी है। राजकुमार सिंह ने कहा कि भंडारे में कांवरियों की सेवा कर उन्हें एक अलग अनुभूति होती है। मानसिक शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रत्येक कांवरिये में भगवान शिव नजर आते हैं। वहीं श्री साँई ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन के प्रतिनिधि पंकज कश्यप ने कहा कि इस एरिया में कांवरियों के लिए हमेशा सेवा का भाव रखते हुए समाज सेवा करते आ रहे हैं। भोजन की व्यवस्था करते हैं। 24 घंटे सेवा में तत्पर हैं। उम्मीद करते हैं कि भोले बाबा अपनी कृपा बनाए रखते हुए हमें आशीर्वाद दें कि हर वर्ष कांवरियों की सेवा हम करते रहें। उधर, गदरपुर निवासी कांवरिया ने कहा कि इस भंडारे को वे वर्ष 2010 से देख रहे हैं। यहां हर प्रकार का प्रसाद वितरण किया जाता है। कांवरियों के जलपान, भोजन व विश्राम की व्यवस्था होती है।




