शाहजहांपुर के दिलबाग सिंह ने सुपारी देकर कराई बाबा तरसेम सिंह की हत्या, शूटरों के चार मददगार गिरफ्तार

रुद्रपुर। नानकमत्ता में बीते 28 मार्च को डेरा कर सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या में शामिल चार सहयोगियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। वही मुख्य दो आरोपी जिनके द्वारा हत्या की गई वह फरार है। बाबा तरसेम सिंह की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से शाहजहांपुर के निगोही निवासी दिलबाग सिंह ने दस लाख की सुपारी शूटरों को दी थी। हत्या की साजिश कई महीने पहले रची गई थी।

एसएसपी मंजूनाथ टी सी ने नानकमत्ता थाना पहुंचकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसके बारे में जानकारी दी हैं। एसपी मंजूनाथ टी सी ने बताया बीते 28 मार्च की सुबह 6:30 बजे नानकमत्ता गुरुद्वारा डेरा कर सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की दो अज्ञात हमलावर द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसके खुलासे के लिए टीमों का गठन कर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में दबिश दी जा रही थी । साथ ही इस वारदात में अन्य कौन कौन शामिल है इसकी जांच की जा रही थी । सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों के सहयोगियों को पकड़ने में पुलिस टीम ने बड़ी सफलता हासिल की। जिसमे घटना में शामिल जिन्होंने आरोपियों को शरण दी तथा घटना को अंजाम देने के दौरान स्थानीय डेरा सेवादार जिसके द्वारा आरोपियों को बाबा तरसेम सिंह के बारे में पूरी जानकारी दी गई के साथ ही तीन अन्य आरोपियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है।

वही मुख्य दोनो आरोपियों पर एक एक लाख का इनाम घोषित किया गया है। पकड़े गए आरोपी उत्तरप्रदेश शाहजहापुर तथा पीलीभीत जिले के है। सभी आरोपियों का अपराधिक रिकार्ड है। मुख्य आरोपी जिन्होंने घटना को अंजाम दिया वह पंजाब के सर्वजीत सिंह और अमरजीत सिंह है जिनके ऊपर लगभग 15 से अधिक मुकदमे दर्ज है । घटना को अंजाम देने के बाद दोनो आरोपियों की सहायता के लिए उपयोग की गई दो कार को भी पुलिस द्वारा बरामद कर लिया गया है।

बताया कि 14 तारीख को शूटरों ने तिलहर से दो कीपैड वाले फोन व नए सिम खरीदे। इस दौरान शूटर एक बार दिलबाग सिंह से मिले तथा पहली किश्त के रूप में 60 हजार रुपए लाए। हत्या के बाद भी शूटर शाहजहांपुर गए और सुपारी की रकम लेकर फरार हो गए। इस बीच यह शूटर बाजपुर, रामपुर और शाहजहांपुर गए। यह शूटर 19 मार्च को ही नानकमत्ता आ गए थे और सराय के कमरा नंबर 23 में ठहरे थे। इन्होंने एक स्थानीय अमनजीत को लालच देकर बाबा की दिनचर्या की रैकी कराई।

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