







रुद्रपुर। पुलिस ने बगैर बैरीफिकेशन के एक अधिवक्ता को उठा लिया। बाद में चार घंटे बाद उसे छोड़ा। इससे गुस्साए वकीलों ने सड़क जाम कर दी। पुलिस के समझाने पर मामला निपटा।
पुलिस ने सरेराह मयंक नाम के वकील को पकड़ लिया। जब यह पता चला कि मयंक वो नहीं है, जिसकी पुलिस को तलाश थी तो पुलिस ने छोड़ा। इससे नाराज वकीलों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग की। वकीलों ने सांकेतिक जाम भी लगाया।
वकीलों का कहना था कि पकड़ने से पहले पुलिस को पिता का नाम तो
पूछना चाहिए था। किसी वकील को इस तरह पकड़कर ले जाना गलत था।




