







रुद्रपुर। सितारगंज में 2018 में नगर कीर्तन में शामिल हुए दो लोगों की हत्या के आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।


अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) शादाब बानो द्वारा 16 मार्च को सुनाए फैसले में सात आरोपियों का दोषसिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा से दंडित करने तथा 7500-7500 रुपये जुर्माने का आदेश पारित किया है।
सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि थाना सितारगंज में अंग्रेज सिंह ने सात जनवरी 2018 को तहरीर प्रस्तुत कर बताया कि उसके पिता की हत्या 17 जनवरी 2015 को हुई थी, जिसमें वह वादी मुकदमा है। जिसके मुकदमें में उसकी जिरह होना शेष है। उस घटना के मुल्जिमान प्रार्थी पर राजीनामा करने का दवाब बना रहे थे। इसी रंजिश के चलते दिनांक सात जनवरी 2018 को समय दोपहर में वह व उसके चचेरे भाई दलजीत सिंह व रजविन्दर सिंह पुत्र गुरुमुख सिंह व कुलदीप सिंह पुत्र सुरजीत सिंह निवासीगण गौरीखेड़ा, जनता फार्म, थाना-सितारगंज, जिला उधम सिंह नगर व वादी के रिश्तेदार हरबंस सिंह पुत्र जगीर सिंह निवासी ग्राम बिज्टी, थाना-सितारगंज, जिला उधम सिंह नगर आज नगर कीर्तन में शामिल थे।आरोप है कि जब वे लोग पुरानी मण्डी गेट के सामने पहुँचे तभी हरजीत सिंह उर्फ काला, प्रभजोत सिंह उर्फ जोता, गुरपेज सिंह, बलजीत सिंह उर्फ जीता, तरसेम सिंह, जजपाल सिंह एवं जगवीर सिंह निवासीगण ग्राम दड़हा, थाना सितारगंज जिला उधम सिंह नगर ने प्रार्थी व उसके साथी दलजीत सिंह, रजवन्दिर सिंह, कुलदीप सिंह व हरबंस सिंह को जान से मारने की नीयत से धारदार हथियारों से, लाठी डण्डों व तमन्चे से एकराय होकर जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें हरजीत सिंह उर्फ काला ने तलवार से दलजीत सिंह की गर्दन पर जानलेवा वार किया व हरबंस सिंह के पेट में तलवार घोंप दी तथा तरसेम सिंह ने गंडासे से रजविन्दर सिंह के सिर पर वार किया जो रजविन्दर के चेहरे के दांयी तरफ व दांये हाथ पर लगा। तभी प्रभजोत सिंह उर्फ जोता ने तमंचे से फायर करते हुए व अन्य उपरोक्त मुल्जिमानों ने अपने-अपने हाथों में लिए हुए हथियारों से जान से मारने की नीयत से उनका पीछा किया। तभी भगदड़ मच गयी। इसी बीच वह रजविन्दर सिंह व कुलदीप किसी तरह अपनी जान बचाते हुए मौके से भाग गये। इस घटना में दलजीत सिंह व हरबंस सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई तथा घायल रजविन्दर सिंह को वह तथा अन्य लोग कृष्णा अस्पताल हल्द्वानी ले गये।
थाना सितारगंज में अभियुक्तगण हरजीत सिंह उर्फ काला, प्रभजोत सिंह उर्फ जोता, गुरप्रीत सिंह, बलजीत सिंह, तरसेम सिंह, जगवीर सिंह एवं जजपाल सिंह के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या-10 / 2018, अन्तर्गत धारा 147, 148, 149, 302, 307 भारतीय दण्ड संहिता, पंजीकृत किया गया तथा विवेचना उपरांत पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मुक़दमा द्वितीय अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश शादाब बानो के न्यायालय में चला जिसमें सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह द्वारा 18 साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोप सिद्ध कर दिया जिसके उपरांत न्यायाधीश ने दोषसिद्ध होने पर आरोपियों को सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने मामले के विवेचक योगेश चन्द्र उपाध्याय के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को निर्णय की एक प्रति भेजने के आदेश दिए हैं ।


