







रुद्रपुर। नगर निगम की बैठक में कांग्रेसी पार्षदों 43 टेंडरों में पूल होने का आरोप लगाकर उन्हें निरस्त करने की मांग को लेकर हंगामा किया। हंगामा होने पर मेयर रामपाल सिंह और एमएनए विशाल मिश्रा बैठक छोड़कर चले गए। बाद में मेयर रामपाल सिंह ने पूल के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यदि आरोप सही हुए तो टेंडर निरस्त किए जाएंगे।


बैठक में कांग्रेस पार्षद मोहन खेड़ा ने 43 टेंडरों में पूल होने का मामला उठाते हुए कहा कि मेयर ने अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचा रहे हैं। उन्होंने टेंडर निरस्त करने की मांग को। मोहन खेड़ा की आवाज को अन्य कांग्रेसी पार्षदों ने बुलंद किया। पार्षद कुर्सी से उठ कर धरने पर बैठ गए। सभी विपक्षी पार्षद टेंडर निरस्त करने की मांग पर अड़ गए। नारेबाजी का दौर चला। दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी। एमएनए ने समझाने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेसी पार्षद नहीं माने।
जिस पर मेयर रामपाल सिंह और एमएनए विशाल मिश्रा बैठक छोड़कर चले गए। मेयर रामपाल सिंह ने मीडिया से बात करके कहा कि आरोप निराधार हैं। यदि पूल हुआ है तो टेंडर निरस्त किए जाएंगे।


