रुद्रपुर: तरसेम सिंह हत्याकांड में दो और षडयंत्रकारी गिरफ्तार, नामजद अभियुक्तों की भी चल रही जांच

नानकमत्ता। बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड में दो और षडयन्त्रकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से कड़ी से कड़ी जोड़कर पुलिस षडयंत्रकारियों तक पहुंच रही है। मुकदमे नामजद लोगों के खिलाफ भी जांच जारी है।

पुलिस ने सुल्तान सिंह पुत्र इन्दर सिंह निवासी गदाफार्म थाना बिलासपुर जिला रामपुर उ0प्र0 उम्र करीब 55 वर्ष और सतनाम सिंह पुत्र जगीर सिंह निवासी कुईया महोलिया थाना बंडा जिला शाहजहाँपुर उ0प्र0 उम्र करीब 51 वर्ष को गिरफ्तार किया है।

अभियुक्त सतनाम द्वारा अपने सह अभियुक्तों दिलबाग, बलकार, परगट व हरविन्दर उर्फ पिन्दी के साथ मिलकर बाबा तरसेम की हत्या का षडयन्त्र रचा । इस षडयन्त्र को पूरा करने के लिए उन्होंने आवास विकास स्थित गुरुद्वारे व दिलबाग के घर पर की गई मीटिंगों में विस्तृत योजना बनायी तथा हत्या हेतु सरबजीत व अमरजीत नाम के पेशेवर अपराधियों को अपने साथियों के साथ मिलकर पैसा, मोबाईल, हथियार व अन्य संसाधन उपलब्ध कराकर साजिस को अंजाम तक पहुंचाया। घटना के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था।

एसएसपी ने बताया कि सरबजीत सिंह पुत्र स्वरूप सिंह निवासी मियाविंड थाना वैरोवाल जिला तरनतारण पंजाब (शूटर), बाईस्तवा एफ0आई0आर0 अभियुक्तगण जिनके अपराध में संलिप्पता विषयक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही प्रचलित है । इनमें बाबा अनूप सिंह पुत्र राम सिंह निवासी नवाबगंज रामपुर उ0प्र0, प्रीतम सिंह संधू पुत्र लाल सिंह निवासी खेमपुर थाना गदरपुर जिला ऊधमसिंहनगर , हरवंश सिंह चुघ पुत्र रणजीत सिंह चुघ निवासी गदरपुर जिला ऊधमसिंहनगर, फतेहजीत सिंह खालसा पुत्र सुक्खन सिंह निवासी बिलहरा माफी थाना अमरिया जिला पीलीभीत के खिलाफ विवेचना चल रही है।
अब तक हत्याकांड में शामिल 09 षडयंत्रकारियों को गिरफ्तार और 01 अभियुक्त का किया जा चुका है एनकाउंटर। गिरफ्तार अपराधियों पर हत्या, लूट, गैंगस्टर जैसे जघन्य अपराध सम्बंधित दर्ज़नो मुकदमे दर्ज हैं। हत्याकांड में शामिल मास्टर प्लानर के विरुद्ध साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। दिनांक 12.04.2024 को वांछित अभियुक्त सतनाम सिंह पुत्र जगीर सिंह व 20 हजार के इन अभियुक्त सुल्तान सिंह पुत्र इन्दर सिंह की गिरफ्तारी के लिए मुकदमें के लिए गठित SIT की बिभिन्न टीमों को तैनात किया गया तथा उन्हें लगातार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्देश दिये जा रहे थे । इस दौरान अभियुक्त सतनाम गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा परन्तु गठित टीम द्वारा प्रोफेशनल पुलिसिंग करते हुए वांछित अभियुक्त को दिनांक 12.04.2024 को गौरीफंटा जिला लखीमपुरखीरी से गिरफ्तार किया ।
मुकदमा उपरोक्त में 20 हजार के इनामी सुल्तान को गिरफ्तार करने के लिए भी SIT की विभिन्न टीमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व पंजाब के विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिस देती रही परन्तु अभियुक्त बहुत ही शातिर होने व लम्बे आपराधिक इतिहास के कारण शातिराना तरीके से अपने ठिकाने बदलकर खुद को छुपाता रहा । परन्तु गठित टीमों द्वारा मैनुअल इनपुट व सर्विलॉस की सहायता से अभियुक्त सुल्तान को पिल्लूखेडा थाना क्षेत्र जनपद जिन्द हरियाणा से गिरफ्तार किया गया ।

*गिरफ्तार अभियुक्तों की अपराध में भूमिकाः*

तराई क्षेत्र में गुरुद्वारों व सिख समुदाय से जुडे धार्मिक स्थालों पर वर्चस्व को लेकर चल रही रंजिश के कारण अभियुक्त सुल्तान द्वारा कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ मिलकर बाबा तरसेम की हत्या करने के लिए दिलबाग, बलकार, परगट व हरविन्दर उर्फ पिन्दी व सतनाम को षडयन्त्र में शामिल करते हुए सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया । अभियुक्त के मुख्य शूटर अमरजीत उर्फ बिट्टू उर्फ गंडा से सीधा सम्पर्क भी प्रकाश में आया है । षडयन्त्रकारियों को इस हत्या के लिए जोड़ने व शूटर्स को पैसा व अन्य संसाधन उपलब्ध कराने में भी अभियुक्त सुल्तान की मुख्य भूमिका रही है ।

मुकदमें में वांछित व 01 लाख के ईनामी अभियुक्त सरबजीत सिंह की गिरफ्तारी हेतु विभिन्न टीमों का गठन कर पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है । बाईस्तवा अभियुक्तगणों की अपराध में संलिप्तता विषयक ठोस साक्ष्य संकलन वैज्ञानिक पद्धति से किया जा रहा है । घटना में सम्मिलित अन्य अभियुक्तगणों के विषय में जानकारी जुटाकर साक्ष्य संकलन किया जा रहा है ।

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