बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड: असलाह उपलब्ध कराने वाले तीन षडयंत्रकारी गिरफ्तार, शूटरों पर ईनाम बढ़ाकर एक लाख किया

नानकमत्ता। बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड के लिए अपराधियों को एकत्रित करने, संसाधन जुटाने और हथियार उपलब्ध कराकर षड़यंत्र में शामिल 03 अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूर्व में भी हत्याकांड के 04 षडयंत्रकारियों को जेल भेजा जा चुका है। गिरफ्तार अपराधियों पर विभिन्न राज्यों में हत्या, लूट, गैंगस्टर जैसे जघन्य अपराध सम्बंधित दर्ज़नो मुकदमे दर्ज हैं। हत्या में शामिल मास्टर प्लानर के विरुद्ध महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। दोनों फरार शूटरों पर ईनाम राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए की गई है।

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने सख्त चेतावनी दी है कि मामले को लेकर बिना वजह के बयानबाजी और सोशल मीडिया में अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि 28 मार्च की प्रातः डेरा कार सेवा नानकमत्ता के जत्थेदार बाबा तरसेम सिंह की दो मोटर साइकिल सवार व्यक्तियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दौराने विवेचना पूर्व में ही मुकदमा उपरोक्त में मृतक बाबा तरसेम सिंह की हत्या एक पूर्व नियोजित षडयन्त्र के तहत किया जाना स्पष्ट हो गया था। पुलिस द्वारा पूर्व में बाबा तरसेम सिंह की हत्या की साजिश में दिलबाग सिंह बलकार सिंह, हरविन्दर सिंह उर्फ पिन्दी व अमरदीप सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। जाँच के दौरान सर्विलॉस, सीसीटीवी कैमरे की निगरानी एवं पूछताछ से यह भी तथ्य प्रकाश में आया था कि अभियुक्तगण परगट सिंह पुत्र सोबरन सिंह निवासी तुलापुर थाना बिलसण्डा पीलीभीत तथा सुल्तान सिह निवासी ग्राम दडहा थाना बिलासपुर व सतनाम सिह निवासी कुईया महोलिया थाना बन्डा शाहजहांपुर भी बाबा तरसेम सिंह की हत्या की साजिश में शामिल हैं। सुल्तान सिह मुकदमा उपरोक्त में शूटर अमरजीत सिह उर्फ बिट्टू के निकट सम्पर्क में था तथा बिट्टू को हत्याकाण्ड के लिये तैयार करने वाला सुल्तान सिह ही है। सुल्तान सिह का काफी लम्बा चौड़ा आपराधिक इतिहास है। अभियुक्त परगट सिह को मुखबिर की सूचना के आधार पर दिनांक 06 अप्रैल को पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया है। विवेचना में यह तथ्य प्रकाश में आये कि जिस हथियार 315 बोर की रायफल से बाबा तरसेम सिंह की हत्या की गई है, वह असलाह बाजपुर निवासी जसपाल सिंह भट्टी उर्फ मिन्टू पुत्र सतपाल सिंह निवासी केशोवाला मोड थाना बाजपुर जिला ऊधमसिंहनगर व सुखदेव सिंह गिल उर्फ सोनू गिल पुत्र सत्यपाल सिंह निवासी बन्नाखेडा थाना बाजपुर द्वारा मुकदमा उपरोक्त के शूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू तथा सरबजीत सिंह को बाजपुर में ही उक्त हत्या के षड़यन्त्र में सम्मिलित होकर दिनांक 17 मार्च 2024 को जसपाल सिंह भट्टी उर्फ मिन्टू की स्विफ्ट कार में उपलब्ध कराया था। उक्त स्विफ्ट कार पुलिस द्वारा पूर्व में ही बरामद कर ली गयी है। शूटर अमरजीत उर्फ बिट्टू तथा जसपाल सिंह भट्टी उर्फ मिन्टू आपस में फुफेरे भाई है, दोनों मूल रूप से सिहोर बिलासपुर के रहने वाले हैं व वर्ष 2014 में थाना रुद्रपुर से एटीएम चोरी व पुलिस टीम पर जानलेवा हमले के मामले में दोनों जेल जा चुके हैं। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त जसपाल सिंह भट्टी और सुखदेव सिंह गिल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। अभियुक्त जसपाल सिंह भट्टी उर्फ मिन्टू एवं सुखदेव सिंह उर्फ सोनू वर्ष 2011 में थाना बाजपुर से हत्या के मामले में साथ-साथ जेल भी गये हैं। जसपाल सिंह भट्टी थाना किच्छा का गैगेस्टर भी रहा है जिसके विरुद्ध उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश में उपरोक्त अपराध से पूर्व में हत्या के दो मुकदमे सहित 09 अन्य मुकदमे पंजीकृत हैं। अभियुक्त परगट सिंह के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

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