







दिल्ली। उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीट जीतने के बाद भाजपा हाईकमान ने उत्तराखण्ड में जातिगत संतुलन का रास्ता अख्तियार करते हुए अनुसूचित जाति के अजय टम्टा को मंत्री बनाया है। हालांकि केंद्र में मंत्री बनने के लिए सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट और पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत की दावेदारी थी, लेकिन पार्टी हाईकमान ने इन तीनों नामों को खारिज कर दिया।



यूं तो उत्तराखंड में पांचों सीटों पर भाजपा जीती, लेकिन फिर भी भाजपा ने जातिगत समीकरण को महत्व देते हुए दलित, ब्राह्मण व ठाकुर के बीच संतुलन बनाया है।
यहां बता दें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ठाकुर,प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ब्राह्मण, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी महिला और ओबीसी समुदाय से हैं, वहीं अब अनुसूचित जाति के अजय टम्टा को मंत्री बना कर पार्टी जातिगत समीकरण को साधने का काम किया है।
अजय टम्टा अल्मोड़ा सीट से तीसरी बार लोकसभा चुनाव जीते हैं। जिला पंचायत सदस्य से अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत करने वाले अजय टम्टा एक बार सितारा बनकर उभरे हैं। संघ से नजदीकी रखने वाले टम्टा ने काफी कम समय में अपना राजनीतिक कद बढ़ाया।


