तीन लोग हत्याकांड में दोषी पाए गए, उम्रकैद की सजा

रुद्रपुर । पुरानी रंजिश के चलते युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में तीन लोगों को प्रथम अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर ने गुरुवार को आजीवन कारावास और पाँच-पाँच हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुना दी ।

सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा ने बताया कि रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत ग्राम फौजी मटकोटा निवासी राकेश कुमार पुत्र चन्द्रपाल सिंह ने 30 सितंबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बीती शाम क़रीब 8 बजे वह अपने बड़े भाई अतेनदर पाल सिंह एवं चचेरे भाई संजीव पाल सिंह के साथ स्कूटी पर सवार होकर अपनी फ़र्नीचर की दुकान पर जा रहे थे कि फ़ौजी मटकोटा मोड़ पर कोल्हू के पास पहले से हथियारों से लैस मौजूद विनित पुत्र छत्रपाल,वीरे पुत्र हुसनलाल व डम्पी धामा पुत्र कुवंर पाल ने रोककर पिस्तौल व तमंचे से फ़ायरिंग शुरू कर दी । तीनों जान बचाने के लिए गॉव की तरफ़ भागे तो तीनों ने पीछा कर अतेनदर पाल को पकड़ कर ज़मीन पर लिटा लिया और उसके सिर में गोली मार दी। शोर मचाने पर तीनों हमलावर वहाँ से भाग गए । पुलिस ने तीनों के विरुद्ध हत्या के आरोप में मुक़दमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी और 02. अक्टूबर 2017 को विनित व वीरे को गिरफ़्तार कर उनकी निशानदेही पर तमंचे बरामद कर उनको जेल भेज दिया। पुलिस ने दोनों के ही विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था ।मुक़दमा प्रथम अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर की अदालत में चला, जिसमें सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा ने 14 गवाह पेश किए,गवाही के दौरान डम्पी धामा का नाम हत्या करने वालों में शामिल होने के कारण कोर्ट ने धारा 319 सीआरपीसी के अन्तर्गत तलब किया । कोर्ट ने तीनों को अतेनदर पाल सिंह की हत्या करने का दोषी मानते हुए सजा के प्रश्न पर सुना। जिसके बाद प्रथम अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर ने गुरुवार दोपहर खचाखच भरी खुली अदालत में तीनों को हत्यारा घोषित करते हुए धारा 302/34 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास और पाँच-पाँच हज़ार रुपये जुर्माने तथा विनित व वीरे को धारा 25 शस्त्र अधिनियम के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुना दी ।

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