







डोईवाला। चीनी मिल के अधिशासी निदेशक डीपी सिंह ने अपनी प्रशासकीय क्षमता का भरपूर उपयोग करते हुए कड़ी मेहनत एवं लगन के साथ मिल कर्मचारियों/अधिकारियों एवं कृषकों के सहयोग से इस पेराई सत्र 2022-23 में अनेक उपलब्धियों को प्राप्त की। न केवल लक्ष्य से अधिक गन्ने की पेराई हुई, बल्कि रिकार्ड चीनी उत्पादन हुआ। सबसे बड़ी बात यह रही कि किसान संतुष्ट दिखे।


अधिशासी निदेशक ने विगत वर्षों से मिल के जर्जर होने, मशीनरी पुरानी होने का मिथक तोडते हुए वर्तमान पेराई सत्र मात्र 140 दिन 31,28,744 कुन्तल गन्ना पेराई कर 3,08,320 कुन्तल चीनी का उत्पादन किया, जबकि विगत पेराई सत्र 2021-22 में 152 दिन में कुल 28,71,890 कुन्तल गन्ना पेराई कर मिल में कुल 2,63,710 कुन्तल चीनी का उत्पादन हुआ था। पेराई सत्र 2021-22 की तुलना में इस पेराई सत्र में लगभग 12 दिन पूर्व 2,56,854 कुन्तल अधिक गन्ना पेराई कर पिछली बार उत्पादित चीनी से अधिक चीनी का निर्माण किया गया जो कि चीनी मिल के लिए एक विशेष उपलब्धि है।
अधिशासी निदेशक डीपी सिंह ने बतायि कि विगत पेराई सत्र 2021-22 में प्लान्ट यूटिलाईजेशन 75.99% था, वहीं वर्तमान पेराई सत्र 2022-23 में प्लान्ट यूटिलाईजेशन लगभग 90% पेराई सत्र 2021-22 में लगभग 567 घण्टे की बन्दी हुई थी ,जबकि वर्तमान पेराई सत्र में मात्र 164.30 घण्टे की बन्दी हुई है।
डोईवाला चीनी मिल में पेराई सत्र 2022-23 सफल संचालन करने के बाद समाप्त हो गया। यहां बता दें कि अधिशासी निदेशक का पदभार ग्रहण करते ही डीपी सिंह ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित की। कृषक हित में लिये गये निर्णयों के कारण विगत वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष मिल बेहतर परिणाम दे सकी।


