कुर्सी के मोह में सत्ता के दबाव में पुलिस, तस्वीर साफ होने के बाद भी सीपी शर्मा के हमलावर घूम रहे खुलेआम

रुद्रपुर। पुलिस सत्तारूढ़ दल के नेताओं के आगे नतमस्तक होकर रह गई है। इसका ताजा उदाहरण कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा पर हुआ हमला है। घटना की सीसीटीवी फुटेज में हमलावर साफ दिख रहे हैं, मगर हमलावर सत्तारूढ़ दल से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए पुलिस जांच के नाम पर तीन दिन से टहला रही है। हमलावरों को पकड़ने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन महरा तक धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। अब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि हमलावर खुले घूम रहे हैं।

गौरतलब है कि एक शिलापट को लेकर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष और पूर्व मेयर के बीच विवाद हुआ था। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अपनी सोसाइटी के मुख्य द्वार पर लगे मेयर रामपाल सिंह के शिलापट को सम्मानजनक तरीके शिफ्ट करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जब उन्होंने खुद इस काम को अंजाम देना चाहा तो विरोध शुरू हुआ। कायदे से तो पूर्व मेयर रामपाल सिंह को यदि आपत्ति थी तो पुलिस प्रशासन की मदद लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बाहर से उनके समर्थकों ने सीपी शर्मा पर हमला किया। संयोग से पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद हो गया। यहां तक पुलिस के एक जवान ने सीपी शर्मा को बचाया।

पूरी तस्वीर साफ होने के बाद भी पुलिस तीन दिन से जांच की बात कह रही है। सत्तारूढ़ से जुड़े हमलावरों की गिरफ्तारी करने का पुलिस साहस नहीं जुटा पा रही है। आखिर कानून का राज ऐसे ही कायम रखा जा सकता है। हमलावरों में ऐसे भी लोग शामिल बताए जा रहे हैं, जो आदतन झगड़ालू किस्म के हैं, लेकिन सत्ता का चोला ओढ़कर बैठे हैं।

हालांकि यह मामला राजनीतिक है, इसीलिए पुलिस की पंचायत प्रणाली यहां शायद काम न आए, लेकिन कार्रवाई न होना पुलिस की साख पर बट्टा जरूर लगा रही है। अफसरों को कुर्सी से मोह जो है।

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