







रुद्रपुर। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा ने पूर्व महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा और पूर्व पार्षद रमेश कालड़ा को छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। आरोप है कि वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। उधर, जगदीश तनेजा ने कहा कि महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा के पास निष्कासित करने का अधिकार नहीं है। पार्टी के नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने का काम जिलाध्यक्ष का होता है। तनेजा ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश जोशी को गुमराह करके उन्हें हराने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि विधायक तिलकराज बेहड़ के साथ जुड़ने का खामियाजा मिला है। यह बेहड़ को कमजोर करने की चाल है।


अपने कार्यालय पर पत्रकार वार्ता करते हुए जगदीश तनेजा ने कहा कि हरीश रावत के चुनाव में वर्तमान जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा ने एक मंत्री के कहने पर भाजपा को वोट डलवाए। मीना शर्मा के चुनाव में भी गावा के कार्यालय से भाजपा के पैसे बंटवाए।
कहा कि जिलाध्यक्ष के इशारे पर महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा ने उनका निष्कासित किया है, लेकिन उन्हें पार्टी के संविधान की जानकारी नहीं है। पहले तो वे यह साबित करें कि जगदीश तनेजा ने पार्टी विरोधी कोई काम किया है। वह घर पर जरूर बैठे थे, लेकिन पार्टी के खिलाफ कुछ नहीं किया। कांग्रेस में अनुशासन समिति बनी है, वह किसी भी आरोप की जांच करती है। उसके बाद निष्कासित जैसी कार्रवाई होती है। कहा कि वह अभी भी कांग्रेस में हैं और तिलकराज बेहड़ के साथ हैं।
जगदीश तनेजा ने कहा कि तिलकराज बेहड़ को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके करीबी लोग जो नए संगठन से नाराज थे, उन्हें मनाने का काम नहीं किया गया। प्रकाश जोशी के नामांकन से लेकर आज तक किसी भी कार्यक्रम की उन्हे सूचना तक नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जिस जनाधार वाले पुराने कांग्रेसी उपेक्षा से आहत होकर पार्टी छोड़ रहे हैं, उससे प्रकाश जोशी रुद्रपुर विधान सभा से एक लाख मतों से हारेंगे। फिर इसकी जिम्मेदारी लेकर क्या महानगर अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष इस्तीफा देंगे?
उन्होंने आरोप लगाया कि एसी में बैठ कर आधा दर्जन लोग कांग्रेस चला रहे हैं। यह वही लोग हैं, जिन्होंने मेयर के चुनाव में नंदलाल को हराया था। सुनील आर्य को किसने खड़ा किया, किसी से छिपा नहीं है।


