इश्क के चक्कर में कर दिया था पति का खून, पत्नी व उसके प्रेमी को आजीवन कारावास

रुद्रपुर। प्रेमी के साथ मिलकर
अपने पति की हत्या करने के मामले में महिला व उसके प्रेमी को तृतीय अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देउपा ने शुक्रवार को आजीवन कारावास और एक लाख 20 हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने बताया कि ग्राम राजपुरा आना शिक्षा निवासी आसीत मंडल द्वारा एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसके मौसेरे भाई अनिल विश्वास की पत्नी नीलिमा के अजय पुत्र केहरी सिंह के साथ अवैध संबंध थे। वह दोनों दो माह पूर्व घर से भाग गए थे और कुछ समय बाद लौट आए थे। उनके अवैध संबंधों को लेकर जब अनिल ने विरोध किया तो अजय ने मारपीट की। दो अक्टूबर 2016 को अनिल अपनी पत्नी नीलिमा के साथ दवा लेने गया था पर लौट कर नहीं आया। अगले ही दिन सबेरे नीलिमा स्वयं को बचाने के लिए आस पड़ोस में लोगों से चर्चा कर रही थी कि उसका पति रात को घर लौट कर नहीं आया। उसने नीलिमा पर अपने पति की हत्या का शक जाहिर किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू कर दी और उसका शव तीसरे मील के पास रेलवे क्रॉसिग पर पड़ा मिला। उसकी धारदार हथियार से हत्या की गई थी। इधर नीलिमा अचानक लापता हो गई जिससे पुलिस का शक पक्का हो गया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नीलिमा को उसके प्रेमी अजय के साथ गिरफ़्तार कर उनकी निशानदेही पर झाड़ियों में छिपाया गया आला कत्ल पॉटल बरामद कर लिया। दोनों के विरूद्ध तृतीय अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देउपा की कोर्ट में मुक़दमा चला, जिसमें सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने 11 गवाह पेश कर आरोप सिद्ध कर दिया। जिसके बाद न्यायाधीश ने दोनों को आजीवन कारावास और 1-20 लाख रुपए जुर्माने की सज़ा सुना दी ।

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