अपराधियों की मदद करने वाले दो सिपाही गिरफ्तार

देहरादून। एसटीएफ ने दो पुलिस कर्मियों को अपराधी गैंग से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
उत्तराखंड एसटीएफ एसएसपी श्री नवनीत सिंह का स्पष्ट संदेश–कुख्यात वाल्मिकी गैंग को जड़ तक करेंगे नेस्तनाबूत*

मनीष बॉलर मामले में उत्तराखंड एसटीएफ ने किया बड़ा खुलासा–दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर भेजा गया है।
इस प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रवीण वाल्मीकि गैंग के सम्बन्ध में पिछले माह में प्राप्त गोपनीय सूचना और प्रार्थना पत्र के आधार पर एस0टी0एफ ने जांच करने के पश्चात दिनांक 27-08-2025 को एस0टी0एफ0 की ओर से थाना गंगनहर पर मु0अ0सं0 415/25 धारा 120 बी,420,467,468,471 भा0द0वि0 एवं 111, 351, 352 बीएनएस का अभियोग कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मिकी उसका भतीजा मनीष बाँलर, पंकज अष्ठवाल आदि 06 लोंगो के विरुद्ध पंजीकृत कराया गया। इस प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुये पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड द्वारा मामले की विवेचना एसटीएफ को सुपुर्द की गयी। जिसके पश्चात इस प्रकरण में पहली बार वाल्मिकी गैंग के 02 सदस्यों मनीष बाँलर और पंकज अष्ठवाल निवासीगण ग्राम सुनेहरा थाना गंगनहर जनपद हरिद्वार को थाना गंगनहर क्षेत्र में दबीश मारकर गिरफ्तार किय़ा गय़ा । मनीष बाँलर एवं पंकज अष्टवाल से पूछताछ में जमीन की विक्रय करने वाली फर्जी रेखा व संलिप्त सदस्यों की जानकारी प्राप्त हुई है, जिस पर फर्जी रेखा बनी महिला निर्देश पत्नी कुलदीप सिंह निवासी ज्वालपुर हरिद्वार की भी एसटीएफ द्वारा गिरप्तारी की जा चुकी है। अब इस प्रकरण में दो पुलिस आरक्षियों की संलिप्तता पाए जाने पर गिरफ्तारी की गई है। जिनको गिरफ्तार करने के पश्चात माननीय न्यायालय रुड़की कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा इस मामले में बताया गया कि रुड़की क्षेत्र के ग्राम सुनेहरा के रहने वाले श्याम बिहारी की वर्ष 2014 में मृत्यु हो गई थी जिसकी करोड़ो रुपए की बेशकीमती संपत्ति ग्राम सुनेहरा क्षेत्र में स्थित है श्याम बिहारी की मृत्यु के पश्चात इस संपत्ति की देखभाल उसका छोटा भाई कृष्ण गोपाल कर रहा था वर्ष 2018 में प्रवीण वाल्मीकि गैंग द्वारा इस संपत्ति को कब्जा करने की नियत से कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके पश्चात इस संपत्ति की देखभाल श्याम बिहारी की पत्नी रेखा द्वारा की जाने लगी तो प्रवीण वाल्मीकि द्वारा रेखा को धमकाकर संपत्ति अपने नाम पर करने के लिए दबाव बनाया गया परंतु वह नहीं मानी तो उसके भाई सुभाष पर वर्ष 2019 में अपने भतीजे मनीष बॉलर व उसके साथियों के साथ गोली चलवायी गई, जिसमें धारा 307 भा0द0वि0 का मुकदमा थाना गंगानगर पर पंजीकृत कराया गया । इन दोनों घटनाओं से रेखा का परिवार डर गया और वह रुड़की क्षेत्र छोड़कर कहीं अज्ञात स्थान पर छिप कर रहने लगे । इसके बाद रेखा व कृष्ण गोपाल की संपत्ति को प्रवीण वाल्मिकी व उसके सदस्यों द्वारा फर्जी रेखा व कृषण गोपाल की पत्नी स्नेहलता बनाकर फर्जी पाँवर अटार्नी तैयार की गई तथा इन सम्पत्तयों को आगे बेचा गया इस काम में मनीष बाँलर का सहयोगी पंकज अष्टवाल था जिसने रेखा की फर्जी पावर अटार्नी अपने नाम करवाकर करोंड़ो मूल्य की सम्पत्ति को खुर्द बुर्द कर आगे बेचा । प्रवीण वाल्मीकि गैंग का इतना भय था कि इस परिवार ने अपनी जान माल की रक्षा के लिए किसी से कोई भी शिकायत नहीं दर्ज कराई गई।
इस प्रकरण में एसटीएफ की टीम ने अपनी विवेचना मे पाया कि कां0 शेर सिंह व कां0 हसन जैदी जो कि पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर जनपद पिथौरागढ़ में नियुक्त हैं, के आपसी सम्बन्ध कुख्यात अपराधी प्रवीण बाल्मीकि और मनीष बाल्मीकि उर्फ बॉलर के गिरोह के साथ हैं, इनकी प्रवीण वाल्मिकी के साथ जेल में मुलाकात करने के विवरण के साथ साथ मनीष बॉलर के साथ आपसी कॉल रिकार्ड पाये गये। इसके अलावा इनके द्वारा पीडित पक्ष पर उनकी जमीन को कब्जाने के लिए दवाब बनाया गया। उसके लिए शेर सिंह के द्वारा दिनांक 26-04-25 को रुड़की कोर्ट परिसर मे पीडित पक्ष को बुलाकर तारीख पर आए हुये प्रवीण बाल्मीकि से मुलाकात कराकर एवं माह मार्च 2025 में हसन जैदी द्वारा मनीष बॉलर के साथ पीड़िता रेखा के पुत्र सूर्यकांत को रूड़की हॉस्पिटल में जाकर डराया धमकाया गया और अपनी सम्पत्ती को विक्रय करने के लिये दबाव बनाया गया।

इस मामले में शेर सिंह पुत्र स्व0 श्री दल सिंह, उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम बहादरपुर जट जिला हरिद्वार और
हसन अब्बास जैदी पुत्र स्व0 श्री तालीब अली निवासी खेरवा जलालपुर, तहसील सरधना जिला मेरठ को गिरफ्तार किया गया है।

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