अपनी साख को फिर से स्थापित करेगा सामिया बिल्डर्स: त्यागी

रुद्रपुर। ठगी और धोखाधड़ी के अनेक मुकदमे दर्ज होने के बाद आज सामिया बिल्डर्स की ओर से प्रेस कांफ्रेंस करके यह दावा किया गया कि अब वह पुन: अपनी साख स्थापित करेंगे। हालांकि बड़ी संख्या में आज भी लोगों को पैसा देने के बावजूद अपना प्लाट और फ्लैट नहीं मिला हैं, जिन फ्लैट्स में लोग रह रहे हैं, उनकी भी हालत खस्ता से भी खस्ताहाल है। ऐसे में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले इस बिल्डर के बड़े-बड़े दावे कितना धरातल पर उतर पाएंगे, यह देखना होगा।

काशीपुर रोड स्थित सामिया बिल्डर पुलिस के निशाने पर है। अब तक करीब दर्जन पर मुकदमे इस बिल्डर के कर्मचारी और मालिक पर दर्ज हो चुके हैं। कर्मचारी जेल के भीतर हैं और इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है। कंपनी के मालिक अभी फरार चल रहे हैं। इस बीच आज कंपनी के नए जीएम मरगूब त्यागी ने प्रेस वार्ता कर बड़े-बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि मिस मैनेजमेंट के कारण सामिया बिल्डर का नाम बदनाम हुआ।

इसी को लेकर पुराने मैनेजमेंट को हटाकर नए मैनेजमेंट को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका कहना है कि अभी प्लॉट या फ्लैट की बिक्री नहीं होगी। पहले पुरानी चीजों को दुरुस्त किया जाएगा। जो फ्लैट अधूरे पड़े हैं, उनको बनवाया जाएगा। इसके अलावा कॉलोनी में रह रहे लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं दूर की जाएंगी और इसे एक सुविधाजनक टाउनशिप बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस रेट पर फ्लैट की बुकिंग हुई थी, उसी रेट पर इन्हें उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके साथ ही जो लोग फ्लैट या प्लाट नहीं लेना चाहते हैं, उनकी रकम को तत्काल लौटाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिस वक्त प्रोजेक्ट लांच हुआ था उस वक्त विकास प्राधिकरण नहीं था। उनके स्वीकृत मानचित्र की अवधि खत्म हो गई थी। फिर कोरोना काल में लाक डाउन के कारण मानचित्र स्वीकृत नहीं हो सका। इस बीच रेरा भी लागू हो गया। जिस कारण चीजें प्रभावित हुई। अब उनका मानचित्र स्वीकृत है। बहुत बड़ी टाउनशिप बनेगी। अभी सात सौ लोगों को पजेशन दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सामिया के किसी भी व्यक्ति को कोई नकद धनराशि न दे। वैसे भी अब यह नियम है कि प्रापर्टी की खरीद फरोख्त में बीस हजार से अधिक नकद लेन-देन नहीं किया जा सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि सारी चीजें पटरी पर लाई जा रही है। अब लोगों को कोई समस्या नहीं होगी। बहरहाल, पुलिस की सख्ती के बाद सामिया बिल्डर्स ने अपनी बिगड़ी हुई छवि को सुधारने के जो दावे किए हैं, उन पर मैनेजमेंट कितना खरा उतरता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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